कुमर
छोटा सा
तिनका तो नहीं
तिनका ही सही
जो चिपट आते हैं
हर कहीं से
आस-पास से ,
आस-पास से ,
मसलन घास से
जंगल से,सूखे पेड़ से ,
ट्यूववेल वाली मेड़ से ,
बदहोशी- मदहोशी -यायावरी
में बने रास्तों से
बहरहाल
ये कुमर है
चुभता है
इसीलिए कुमर है
लेकिन हर चुभती चीज
कुमर नहीं होती
निकालने बैठो
तो
मिल जाते हैं
कुछ पल
मुलाकात होती है
खुद से
फिर उलझनें कई
सुलझती-लरजती
बिगड़ती -टहलती
खोकर
सुलझ जाती हैं …
चुभता है
इसीलिए कुमर है
लेकिन हर चुभती चीज
कुमर नहीं होती
निकालने बैठो
तो
मिल जाते हैं
कुछ पल
मुलाकात होती है
खुद से
फिर उलझनें कई
सुलझती-लरजती
बिगड़ती -टहलती
खोकर
सुलझ जाती हैं …
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